राधा कृष्ण विरह कविता | राधा कृष्ण की दर्द भरी शायरी

In this post, we will provide Radha Krishna Virah Kavita quotes or we can say Radha Krishna Dard Bhari Shayari. As we all know the Radha was blindly in love with the Krishna. Also, you can get the Radha Krishna love quotes, Radha Krishna Virah Shayari in Hindi, and images on this site. 

When Krishna was playing the flute Radha ran away and sat there to constantly listen to the flute. They would leave everything behind and sit listening to the flute for hours. So, we hope you like our post, share it with your friends, and give your best comments.

राधा कृष्णा विरह शायरी इन हिंदी

राधा कृष्ण-विरह शायरी इन हिंदी

हे कान्हा, तुम्हे पाना जरूरी तो नहीं, तुम्हारा हो जाना ही काफी हैं मेरे लिए। – राधे-राधे !

सुख समृधि आपको मिले इस दीवाली पर,
दुख से मुक्ति मिले इस दीवाली पर,
माँ लक्ष्मी का आशीर्वाद हो आपके साथ
और लाखों खुशिया मिले इस दीवाली पर
जय श्री राधा कृष्ण 

जहाँ प्रयत्नों की ऊंचाई 
अधिक होती है,
वहाँ नसीबों को भी 
झुकना पड़ता है..!

बहुत खूबसूरत हैं मेरे ख्यालों की दुनिया,
बस कृष्ण से शुरू और कृष्ण पर ही खत्म। 

सच्ची मोहब्बत का अंजाम अगर निकाह होता,
तो रुक्मणि की जगह राधा का स्थान होता।

एक आपकी ही तो ख्वाहिश है हमे सारी दुनिया किसने मांगी है..!

जो आसानी से मिल जाता है वो हमेशा तक नहीं रहता, जो हमेशा तक रहता है वो आसानी से नहीं मिलता। – प्रेम से बोलो राधे-राधे !

माँ बाप के साथ आपका सुलूक वो
कहानी है जिसे आप लिखते हैं !!
और आपकी संतान आपको पढ़कर सुनाती है !

कृष्ण पर कविता

रंग बदलती दूनियाँ देखी देखा जग व्यवहार, 
दिल टूटा तब मन को भाया ठाकुर तेरा दरबार राधे राधे..

प्रेम के दो मीठे बोल बोलकर खरीद लो हमें, कीमत से सोचोगे तो पूरी दुनिया बेचनी पडेगी. – जय श्री राधे कृष्णा !

गोपियाँ तो आज भी पट जाएँगी,
लेकिन मुझे अपनी रूठी हुयी राधा ही चाहिए।

प्रभु खोजने से नहीं मिलते, उसमें “खो – जाने” से मिलते है – राधे-राधे !

जिस प्रकार दिल को धड़क्कन की ज़रूरत होती है
ठीक इसी प्रकार मुझे तुम्हारी ज़रूरत है गोविन्द।

पीर लिखो तो मीरा जैसी, 
मिलन लिखो कुछ राधा सा, 
दोनों ही है कुछ पूरे से, 
दोनों में ही वो कुछ आधा सा. 
जय श्री कृष्णा

राधा-कृष्ण का मिलन तो बस एक बहाना था, दुनिया को प्यार का मतलब समझाना था. – जय श्री राधे कृष्ण !


लोग चाहते हैं कि आप बेहतर करें लेकिन यह भी सत्य है कि वह कभी नहीं चाहते कि आप उनसे बेहतर करें ।।
जय श्री राधा कृष्ण 

Radha Krishna Virah Quotes

किसी भी class में नही पढ़ाया जाता है
कि कैसे बोलना है चाहिए
लेकिन जिस प्रकार से आप बोलते है
वह तय कर देता है कि आप किस class के है ।।
जय श्री राधा कृष्ण 

राधा ने किसी और की तरफ देखा हीं नहीं, जब से वो कृष्ण के प्यार में खो गई, कान्हा के प्यार में पड़कर, वो खुद प्यार की परिभाषा हो गई। – जय श्री राधे कृष्ण !

ना किसी को नाराज कर के जियो ना
किसी से नाराज होकर जियो.,जिंदगी बस
कुछ पलों की हैं सब को खुश रखों और
सब से खुश होकर जियो..!!

रंग बदलती दुनियाँ देखी, देखा जग व्यवहार, दिल टूटा तब मन को भाया ठाकुर तेरा दरबार। – जय श्री राधे कृष्णा !

जब भी कोई परेशानी हो
तो यह कभी मत सोचो कि
भगवान ने यह परेशानी
मुझे ही क्यों दी है?
यदि इस बात को इस तरह से
देखा जाए कि ईश्वर ने ये कष्ट
हमें शायद इसीलिए दिया है,
क्योंकि हम दूसरों के मुकाबले
इसका हल बेहतर तरीके से
निकाल सकते हैं और दूसरों की मदत कर सकेंगे ।

ज़्यादा कुछ नहीं बदलता उम्र बढ़ने के साथ,
बस बचपन की ज़िद समझोतो में बदल जाती है। 
कृष्णा राधे 

जब प्रेम का सुरूर मेरे दिल पर छाता है,
मेरा हृदय चारों तरफ राधा-कृष्ण को ही पाता है।

हे कान्हा, तुम संग बीते वक़्त का मैं कोई हिसाब नहीं रखती मैं बस लम्हे जीती हूँ, इसके आगे कोई ख्वाब नहीं रखती।

ज्यादा बोझ लेकर चलने वाले
अक्सर थक ही जाते हैं…।
फिर चाहे, वो बोझ सामान
का हो या अभिमान का।

राधा कृष्णा विरह शायरी इन हिंदी

दरबार हजारों देखे है, पर ऐसा कोई दरबार नहीं 
जिस गुलशन में तेरा नूर न हो, ऐसा तो कोई गुलजार नहीं।

जीवन भावनाओं से चलता है, पर हम भावनाओं में भी कारणों को ढूंढने की कोशिश करते हैं – राधे-राधे !
 
जब हम अकेले हों तब
अपने विचारों को संभालें,
और जब हम सबके बीच
हों तब अपने शब्दों को संभालें..!

सिर्फ लिबास ही महँगा हुआ है साहब,
आदमी आज भी दो कौड़ी का ही है।
कृष्णा राधे 

एकबार मेरे साँवरे इस..दिल की भी सुनो,
मेरे राधा कृष्णा मुरारी।

दे के दर्शन कर दो पूरी प्रभु मेरे मन की तृष्णा कब तक तेरी राह निहारूं, अब तो आओ कृष्णा। – मेरे राधा कृष्णा !

शांत होने के बाद ही पता चलता कि कितना नुकसान हुआ।
अतः हमेशा अच्छी सोच,अच्छे विचार के साथ
सकारात्मक रहें, खुश रहें, प्रसन्न रहें, मुस्कुराते रहें।

“बुद्धिमान इंसान” आपका दिमाग खोलता है।
“सुंदर इंसान”आपकी आँखें खोलता है।
लेकिन…”प्यार करनेवाला इंसान”
आपका हृदय खोल देता हैं।

राधा वियोग शायरी

मेरे कर्म ही मेरी पहचान बनें तो बेहतर है, 
चेहरे का क्या है यह तो मेरे साथ ही चला जाएगा...। 
जय राधे कृष्णा..

कितने सुंदर नैन तेरे ओ राधा प्यारी, इन नैनों में खो गये मेरे बांकेबिहारी। – राधे-राधे जय श्री कृष्णा !

जब प्रेम का सुरूर मेरे दिल पर छाता है, 
मेरा हृदय चारों तरफ राधा-कृष्ण को ही पाता है.

मीठे लोगों से मिलकर मैंने जाना,
तीखे और कड़वे लोग अक्सर सच्चे होते है!!
कृष्णा राधे  

तुम्हारी “चाहत” की, “हद” हो सकती है मगर,
“दिल” की बात बताता हू, मै “बेहद” तुम्हे चाहता हू।
।।राधे कृष्णा हरे कृष्णा।।

जरुरी नहीं की हर रिश्ता बेवफाई से ही खत्म हो कुछ रिश्ते किसी की ख़ुशी के लिए खत्म करने पड़ते हैं। – जय श्री राधे कृष्ण !
 
जो आपके मौनका अर्थ
नही समझता वह सम्भवतः
आपके शब्दोंका अर्थ भी नहीं समझेगा !!

राधे-राधे जपो चले आएंगे बिहारी, 
आएंगे बिहारी चले आएंगे बिहारी।

कभी राम बन के कभी श्याम बन के 
चले आना प्रभु जी चले आना हमारे हृदय में, 
जब राम रूप में आना माँ सीता को भी संग लाना 
जब श्याम रूप में आना तो माँ राधा को संग लाना।

जानते हो कृष्ण, क्युं तुम पर हमें गुरुर हैं?
क्युंकि तुम्हारे होने से हमारी ज़िन्दगी मे नूर है।
|| श्री राधे कृष्ण ||

फिर से प्रयास करने से
मत घबराना
क्योंकि
इस बार शुरुआत शून्य से नहीं
अनुभव से होगी जय श्री राधा कृष्ण 

बहुत खूबसूरत हैं मेरे ख्यालों की दुनिया, बस कृष्ण से शुरू और कृष्ण पर ही खत्म। – मेरे राधा कृष्णा !

कर्मों से ही इन्सान को पहचान मिलती है,
बाकी नाम तो लाखों लोगों के एक जैसे होते है!!
कृष्णा राधे 

कृष्ण भगवान की दर्द भरी शायरी

बड़ा मीठा नशा है कृष्ण की याद का, वक्त गुजरात गया और हम आदि होते गए जय राधे कृष्णा – जय श्री राधे कृष्ण !
 
गलतियों से जुदा तू भी नही,
मैं भी नही , दोनों इंसान हैं,
खुदा तू भी नही, मैं भी नहीं…।।

श्याम तेरे मिलने का सत्संग ही बहाना है, 
दुनिया वाले क्या जाने ये रिश्ता पुराना है.

अपने संघर्ष को अपना जुनून बना लो, जब तक वो तुम्हारी कहानी ना लिख दे – राधे-राधे जय श्री कृष्णा !

झूठे अहम और जिद की गांठ को यदि खोल दिया जाए तो उलझे हुए सभी रिश्ते आसानी से सुलझ सकते हैं ।।
जय श्री राधा कृष्ण 

अगर किसी को सदा सदा के लिए खोना नहीं चाहते तो समय समय पर उससे दूरी बनाए रखना आवश्यक होता है। – राधे-राधे !

पता नहीं कैसे परखता है, 
मेरा कृष्ण मुझे, 
इम्तिहां भी मुश्किल ही लेता है, 
और फेल भी होने नहीं देता. 
**जय श्री कृष्ण** 

नित नये सपने तू देख
पूरा करने का उन्हें रख हौसला,
अगर लक्ष्य तेरे है बुलंद
तो सपने भी सच होंगे,
और सच होने का मजा भी आएगा।

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राधा कृष्ण वियोग कविता कोश

अच्छे विचारों का असर आज कल इसलिए नही होता,
क्योंकि
लिखने वाले और पढने वाले दोनो ये समझते है कि ये दुसरों के लिए है
जय श्री राधा कृष्ण 

हर किसी के पास दिन में 24 घंटे ही होते है, अगर आप कुछ करना चाहते है तो पहले इसका सही उपयोग कीजिये।

कहीं कोई कहे छोड़ो, ना सताओ मोरे कान्हा
मन ही मन प्रीत करे, सब तुझसे सुन कान्हा |

वह हृदय होता है ख़ास, जिसमें बसते है राधा संग श्याम। – जय श्री राधेकृष्ण !

सफ़लता का सीधा 
संबंध परिश्रम से है,
जो व्यक्ति परिश्रम से डरता है,
वह कभी सफ़लता नहीं पा सकता। 
जय श्री राधा कृष्ण 

लगता था जिंदगी को
 बदलने में वक्त लगेगा
 पर क्या पता था
बदला हुआ वक्त
 जिंदगी बदल देगा

जब सुकून ना मिले दिखावे की बस्ती में
तब खो जाना मेरे श्याम की मस्ती में।

राधा वियोग कविता

हर गलती पर परदा सिर्फ रब ही डाल सकता है,
इंसान की जात तो सिर्फ उछालना जानती है !!
कृष्णा राधे 

राधा की हृदय में श्री कृष्ण, राधा की साँसों में श्री कृष्ण, राधा में ही हैं श्री कृष्ण, इसीलिए दुनिया कहती हैं – राधे-राधे !

बड़ा मीठा नशा है कृष्ण की याद का
वक्त गुजरता गया और हम आदि होते गए।
।।जय राधे कृष्णा।।

माना कि मुझमे मीरा सी..कोई कशिश नही, गोपी के जैसे रो सकू..वो जज्बात नही, एकबार मेरे साँवरे इस..दिल की भी सुनो, मेरे राधा कृष्णा मुरारी. – प्रेम से बोलो राधे-राधे !

अपने संघर्ष को अपना
जुनून बना लो, जब तक
वो तुम्हारी कहानी ना लिख दे…!

जो अधूरी होकर भी पूरी है जिसके बिना ये दुनिया सुनी है… वही तो मेरी राधा कृष्ण की जोड़ी है – जय श्री कृष्णा !

तू मुझे औऱ मैं तुझे
इल्जाम देते हैं मगर,
अपने अंदर झाँकता तू
भी नही, मैं भी नही..।।

हर पल आंखों में पानी हैं क्योंकि चाहत में रुहानी हैं 
मैं हूँ तुझसे, तू हैं मुझसे, अपनी बस यही कहानी हैं।

फिक्र है सब को खुद को सही साबित करने की,
जैसे ये जिन्दगी, जिन्दगी नही, कोई इल्जाम है।
कृष्णा राधे 

अगर भरोसा ऊपर वाले पर है तो जो लिखा तकदीर में है वही पाओगे,
मगर भरोसा अगर खुद पर है , तो वो वही लिखेगा जो आप चाहोगे ।।

कोशिश इतनी है, कोई रूठे ना हमसे,
नज़र अंदाज करने वालों से नज़र हम भी नहीं मिलाते।
कृष्णा राधे  

जब राम रूप में आना माँ सीता को भी संग लाना
जब श्याम रूप में आना तो माँ राधा को संग लाना।

आज गुलशन का नजारा नायाब होगा, सबके गुलाब से प्यारा मेरा गुलाब मेरा कान्हा होगा


रिश्तों की माला जब टूटती हैं,
तो दोबारा जोड़ने से छोटी
हो जाती हैं,क्यूँकि कुछ
जज़्बातों के मोती बिखर ही जाते हैं..!!

किसी को खुश रखने का
मौका मिले तो छोड़िये मत,
फरिश्ते होते हैं वो लोग,
जो दूसरों की खुशी का ख्याल रखते हैं..!

राधा-कृष्ण का मिलन तो 
बस एक बहाना था, 
दुनिया को प्यार का 
मतलब समझाना था..!

कन्हैया दिल में है याद तेरीहोठों पे नाम तेरा मेरे दिल में बसने वालेतेरे चरणों में प्रणाम मेरा। – मेरे राधा कृष्णा !

अच्छी जिंदगी जीने के दो तरीके है :-
1. जो पसंद है उसे हासिल करना सीख लो ।
2. जो हासिल हुआ है उसे पसंद करना सीख लो ।।
जय श्री राधा कृष्ण 

मुमकिन नही की वक्त मेहरबां रहे जिंदगी का;
कुछ लम्हे जीने का तजुर्बा भी सिखाते है।
कृष्णा राधे 

भरोसा और प्यार ऐसे पंछी हैं अगर इनमे से
एक उड़ जाएँ तो दूसरा अपने आप उड़ जाता हैं
||राधे कृष्णा ||

राधा कृष्ण विरह कविता

राधा कृष्ण प्रेम पर के दोहे

कर भरोसा राधे नाम का धोखा कभी ना खायेगा,
हर मौके पर कृष्ण तेरे घर सबसे पहले आयेगा।

कोई बीमार हमसा नहीं,
और कोई इलाज तुमसा नहीं..!

श्याम की बंसी जब भी बजी है, राधा के मन में प्रीत जगी है. – राधा कृष्ण !

हर कोई चंदन तो नही
कि जीवन सुगन्धित कर
सके कुछ नीम के पेड़ भी होते हैं !
जो सुगन्धित तो नही करते
 पर काम बहुत आते है !!

कृष्ण की प्रेम बाँसुरिया सुन भई वो प्रेम दीवानी, 
जब-जब कान्हा मुरली बजाए दौड़ी आये राधा रानी। 
राधे- राधे।

मत मिलाया कर उन्हें ए खुदा।।जिन्हे तू मिला नहीं, सकता क्योकि ये अधूरी मोहब्बत बेपनाह दर्द देती है। – मेरे राधा कृष्णा !

प्रतिभा ईश्वर से मिलती है, आभारी रहे
ख्याति समाज से मिलती है, आभारी रहे
मनोवृत्ति और घमंड स्वयं से मिलते हैं सावधान रहें ।।

मधुवन में भले ही कान्हा किसी गोपी से मिले,
मन में तो राधा के ही प्रेम के हैं फूल खिले।

संसार के लोगो की आशा न किया करना जब-जब मन विचलित हो, राधा-कृष्ण नाम लिया करना। – राधे-राधे जय श्री कृष्णा !

कभी खुशी की आशा,
कभी गम की निराशा,
कभी खुशियों की धूप,
कभी हकीकत की छाया,
कुछ खोकर
कुछ पाने की आशा
शायद यही है
जिंदगी की सही परिभाषा..!
जय श्री राधा कृष्ण 

मुस्कुराने के मकसद न ढूँढो
वर्ना जिन्दगी यूँ ही कट जाएगी
कभी बेवजह भी मुस्कुरा के देखो
आपके साथ साथ जिन्दगी भी मुस्कुरायेगी,

तकदीर हाथो में है 
लकीरों में नहीं 
कृष्णा राधे 

राधा कृष्ण प्रेम पर के दोहे

बांके बिहारी का नाम लो सहारा मिलेगा ये जीवन न तुमको दुबारा मिलेगा डूब रही अगर कश्ती मझधार में कृष्ण के नाम से सहारा मिलेगा। – जय श्री राधे कृष्णा !

कृष्णा के कदमो पे कदम बढाते चलो, अब मुरली नही तो सीटी बजाते चलो
राधा तो घर वाले दिलाएंगे ही, मगर तब तक गोपियाँ पटाते चलो।

श्री कृष्ण कहते है मनुष्य को जीवन में श्रेष्ट बनने का प्रयास आवश्य करना चाहिए परन्तु जीवन में हमेशा उत्तम ही रहना चाहिए। – जय श्री कृष्णा !

हम तो छोटे है अदब से सर झुका लेंगे जनाब ,
बड़े ये तय कर ले कि उन में बड़प्पन कितना है ।। 
जय श्री राधा कृष्ण 

जो हैं माखन चोर, जो हैं मुरली वाला, वही हैं हम सबके दुःख दूर करने वाला। – जय श्री कृष्णा !

जख्म देना छोड दे ऐ जिंदगी,
अब तो मरहम की डिब्बी भी खाली हो गई है!! कृष्णा राधे 

जब प्रेम का सुरूर मेरे दिल पर छाता है, मेरा हृदय चारों तरफ राधा-कृष्ण को ही पाता है. – राधा कृष्ण !

तू खुद की खोज में निकल,
तू किस लिए हताश है।
तू चल तेरे वज़ूद की
समय को भी तलाश है।
कृष्णा राधे 

संबंध कभी भी जीतकर
नहीं निभाए जा सकते.!
संबंधों की खुशहाली
झुकनेऔर सहने से बढती है…!!

मनुष्य न तो मौसम है और न ही तापमान,
फिर भी न जाने क्यों बदल जाता है।
कृष्णा राधे 

हे कान्हा फर्क बस इतना ही है हम दोनों की तन्हाई में, तुम्हारे पास तो फिर भी तुम हो मेरे पास तो में भी नहीं हूँ। – जय श्री राधे कृष्ण !


दूरियां कभी किसी रिश्ते को नही तोड़ सकती है,
और नजदीकियां कभी रिश्ते को नही बना सकती है,
अगर भावनाएं सच्चे हृदय से हो तो दोस्त दोस्त ही रहते है फिर चाहे वे मिलों दूर क्यों न हों....

हे अर्जुन के सारथी मुझको भी ऐसा ज्ञान दो,
तेरे प्रेम की ज्योति को जलाये रखू, ऐसा बरदान दो।

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कृष्ण प्रेम पर कविता

कितने सुंदर नैन तेरे ओ राधा प्यारी, 
इन नैनों में खो गये मेरे बांकेबिहारी।

कृष्ण की प्रेम बाँसुरिया सुन भई वो प्रेम दिवानी, जब-जब कान्हा मुरली बजाएँ दौड़ी आये राधा रानी। – जय श्री राधे कृष्ण !

कुछ सिखाकर ये दौर भी गुजर जाएगा..
फिर एक बार हर इंसान मुस्कुराएगा...
मायूस न होना इस बुरे वक्त से, 
कल , आज है और आज, कल हो जाएगा ।।
सबका मंगल हो राधे राधे  

दे के दर्शन कर दो पूरी प्रभु मेरे मन की तृष्णा
कब तक तेरी राह निहारूं, अब तो आओ कृष्णा।

एक तुम्हारे ख्याल में हमने ना जाने कितने ख्याल छोड़े हैं सांवरिया।। – राधे-राधे !

कृष्ण प्रेम पर कविता

हारने का मज़ा तब ही आता है , जब सभी आपके हारने का इंतज़ार कर रहे हो ।। जय श्री राधा कृष्ण 

भूतकाल से प्रेरणा लेकर
वर्तमान में कर्म कर !!
लक्ष्य जरूर हासिल होँगासमय
 के खजाने को सफल कर !!

तेरे सीने से लग कर तेरी धङकन बन जाऊँ, 
तेरी साँसो मेँ घुल कर खुशबू बन जाऊँ। 
हो ना फासला कोई हम दोनो के दरम्याँ 
मैँ… मैँ ना रहुँ कान्हा.. बस तुँ ही तुँ बन जाऊँ।

ना दुनिया में मशहूर होना है, ना दुनिया के लिए मजबूर होना है, – प्रेम से बोलो राधे-राधे !

जिनके अकेले चलने के हौसले होते है , एक दिन उनके पीछे ही काफिले होते है राधे राधे  

एक बार बाँसुरी की मधुर तान सुनादे कान्हा,
एक छोटी सी आस लगा रखे हैं।

कोई प्यार करे तो राधा-कृष्ण की तरह करे जो एक बार मिले, तो फिर कभी बिछड़े हीं नहीं. – जय श्री राधे कृष्णा !

नसीहत वो सच्चाई है,
जिसे हम कभी ध्यान से नही सुनते।
और तारीफ वो धोखा है, जिसे हम हमेशा ध्यान से सुनते हैं।

राधा कृष्ण की प्रेम भरी शायरी

कितना भी धन-दौलत पा लो 
पर भूख नहीं मिटटी तृष्णा की, 
उसको जीवन का सारा धन मिल जाता है 
जो भक्ति करें राधा के कृष्णा की..!

मुझे रिश्तों की लम्बी कतारों से क्या मतलब कोई दिल से हो मेरा, तो एक कृष्ण ही काफ़ी हैं। – राधे-राधे !

शब्द ही खुशी 
शब्द ही गम
शब्द ही परेशानी
शब्द ही सुलझन ।।
जय श्री राधा कृष्ण 

सोच का फर्क होता है 
वरना समस्याएं हमें कमजोर नहीं 
बल्कि मजबूत बनाने आती है
कृष्णा राधे  

वह हृदय होता है ख़ास,
जिसमें बसते है राधा संग श्याम।

परमात्मा के बाद इस दुनिया में अगर कोई पवित्र चीज़ है तो वो है प्रेम। – जय श्री कृष्णा !

उम्र गुजर रही है तराजू के कांटे को संभालने में,
कभी फर्ज भारी होते है, तो कभी अरमान।
कृष्णा राधे  

ऐसी नजर कहाँ से लाऊँ मेरे राधा कृष्णा,
कि आपको याद करूँ और दर्शन हो जाए..!

गलतियों से जुदा तू भी नही, मैं भी नही , दोनों इंसान हैं, खुदा तू भी नही, मैं भी नहीं…।। – जय श्री राधेकृष्ण !

कृष्ण प्रेम पर कविता

सुखी होने के बहुत रास्ते है परंतु औरो से
 ज्यादा सुखी होने का कोई रास्ता नहीं
 है,खुश रहो मस्त रहो ।।

वह हृदय होता है ख़ास, 
जिसमें बसते है राधा संग श्याम। 

किसी की सूरत बदल गई किसी की नियत बदल गई…..!! 
जब से तूने पकड़ा मेरा हाथ , 
“राधे” मेरी तो किस्मत ही बदल गई …..!!

कृष्णा के कदमो पे कदम बढाते चलो, अब मुरली नही तो सीटी बजाते चलो – प्रेम से बोलो राधे-राधे !

इतनी वफ़ादारी ना कर किसी से यूँ मदहोश हो कर,
ये दुनियाँ वाले एक ख़ता के बदले सारी वफायें भुला देते हैं !!

नन्हा सा फूल हूँ मैं, चरणों की धुल हूँ मैं,
आया हूँ तेरे द्वार कान्हा मेरी पूजा करो स्वीकार।

जमाने से नहीं हम तन्हाई से डरते हैं। प्यार से नहीं हम रुस्वाई से डरते हैं। दिल में उमंग हैं तुम्हे मिलने की पर मिलने के बाद आने वाली जुदाई से डरते हैं।। – जय श्री राधे कृष्णा !

झूठ भी क्या गजब की चीज़ है,
अगर खुद बोलो तो मीठा लगता है,
और कोई दूसरा बोले तो कड़वा लगता है।

राधा की हृदय में श्री कृष्ण, राधा की साँसों में श्री कृष्ण, 
राधा में ही हैं श्री कृष्ण, इसीलिए दुनिया कहती हैं 
राधे-कृष्ण राधे-कृष्ण

जैसे राधा ने माला जपि श्याम के नाम की, मैं भी ओढु चुनरिया तेरे नाम की। – राधा कृष्ण !


राधा की चाहत है कृष्णा

राधा-राधा जपने से हो जाएगा तेरा उद्धार, 
क्योंकि यही वही वो नाम है जिससे कृष्ण को प्यार..!

पाने को ही प्रेम कहे, जग की ये है रीत, प्रेम का सही अर्थ समझायेगी, राधा-कृष्णा की प्रीत। – जय श्री कृष्णा !

बात में वजन पैदा करने के लिए आवाज का ऊंचा होना जरूरी नहीं बल्कि बात का सच्चा होना जरूरी है ।।

प्रेम से रहो दोस्तों,
जरा सी बात पे रूठ नहीं करते,
पत्ते वही सुंदर दिखते है,
जो शाख से टूटा नहीं करते ।। राधे राधे  

बंसी की मधुर तान छेड़, तू मोहे सबको,
क्या गोपी क्या सखी चाहे, मस्ती प्यारी सबको..!

सही प्रशंसा व्यक्ति का हौंसला बढाती है । और अधिक प्रशंसा व्यक्ति को लापरवाह बनाती है..! – जय श्री राधेकृष्ण !

संघर्ष के समय कोई
नजदीक नहीं आता..और
सफलता के बाद किसी
को आमंत्रित नहीं करना पड़ता..!

राधा की चाहत है कृष्णा

मधुवन में भले ही कान्हा किसी गोपी से मिले, 
मन में तो राधा के ही प्रेम के है फूल खिले. 
प्रेम से बोलो राधे-राधे | 

ना किसी को नाराज कर के जियो ना, किसी से नाराज होकर जियो.,जिंदगी बस, कुछ पलों की हैं सब को खुश रखों और सब से खुश होकर जियो..!! – राधा कृष्ण !

कौन कहता है ईश्वर
नजर नही आता ,
सिर्फ वही तो नजर आता है
जब कोई नजर नही आता..!

मिटता हुआ वजूद है एक तरफ,
एक तरफ ख्वाब है बहुत सारे।

हर पल, हर दिन कहता हैं कान्हा का मन तू कर ले पल-पल राधा का सुमिरन। – राधे-राधे जय श्री कृष्णा !

इतनी उदास न हो ऐ जिन्दगी,
खोते वही हैं, जो कुछ पाने की तमन्ना रखते हैं।
जय श्री राधा कृष्ण 

अगर तुमने राधा के कृष्ण के प्रति समर्पण को जान लिया, तो तुमने प्यार को सच्चे अर्थों में जान लिया। राधे कृष्णा जय श्री कृष्णा। – जय श्री राधे कृष्ण !

ज़िंदगी की कसौटी से हर रिश्ता गुज़र गया,
कुछ निकले खरे सोने से, कुछ का पानी उतर गया।
जय श्री राधा कृष्ण 

राधा-श्याम जोड़ी कुछ, भाये ऐसे जग में प्रीत की डोरी में बंधे, तेरे ही संग में – राधे-राधे !

मुल्क, मोहब्बत, हौसला और झंडा थामे रहिये,
आँधियों का क्या है वो तो आती-जाती रहेंगी।
जय श्री राधा कृष्ण 

हे कान्हा..पलकों पर आ रुका है समुन्दर खुमार का,कितना अजब नशा है तेरे इंतज़ार का . – प्रेम से बोलो राधे-राधे !

दौलत सिर्फ रहन सहन का 
स्तर बदल सकती है;
बुद्धि नियत और तकदीर नहीं ।।

माँ बाप के साथ आपका सुलूक वो कहानी है जिसे आप लिखते हैं !! और आपकी संतान आपको पढ़कर सुनाती है ! – जय श्री राधेकृष्ण !

सच्ची मोहब्बत का अंजाम अगर निकाह होता, 
तो रुक्मणि की जगह राधा का स्थान होता।

दोस्तो से टूट कर रहोगे तो कुत्ते भी सतायेंगे,
और दोस्तो से जुड़ कर रहोगे तो शेर भी घबरायेंगे !!
कृष्णा राधे 

रंग बदलती दूनियाँ देखी देखा जग व्यवहार, दिल टूटा तब मन को भाया ठाकुर तेरा दरबार राधे राधे – मेरे राधा कृष्णा !


जानते हो कृष्ण, 
क्युं तुम पर हमें गुरुर हैं? 
क्युंकि तुम्हारे होने से हमारी ज़िन्दगी मे नूर है. 
जिया श्री राधे कृष्ण...!!

जिस प्रकार दिल को धड़क्कन की ज़रूरत होती है ठीक इसी प्रकार मुझे तुम्हारी ज़रूरत है गोविन्द।

तू समझ ये बंदे, प्रभु तुझसे दूर नहीं,
भक्तों को कष्ट मिले, ये हमारे कान्हा को मंजूर नहीं।

सुन्दर देखने में चला, सुन्दर मिला ना कोई जब कृष्ण मंदिर में झांका तो कृष्ण सलोना सा सुन्दर ना मिला कोई।
 
वक्त बता सकता है !
आपके पास कितनी दौलत है !
पर दौलत नही बता सकती,
आपके पास कितना वक्त है।

मटकी तोड़े, माखन खाए फिर भी सबके मन को भाये, 
राधा के वो प्यारे मोहन, महिमा उनकी दुनिया गाये।

कैसे बनेगा अमीर वो हिसाब का कच्चा भिखारी,
एक सिक्के के बदले जो बेशकीमती दुआये दे देता है।
कृष्णा राधे  

राधा की चाहत है कृष्णा

राधा कृष्ण वियोग शायरी

Shri radhaji, our whole life has been waiting for lord Krishna but radhaji cannot find Lord Krishna because of rani Rukmini. So, lifetime radhaji can't meet Lord Krishna. So, in this post, we will provide the best collection of quotes of राधा कृष्ण विरह कविता and राधा कृष्ण दर्द भरी शायरी.

मन, तू अब कोई तप कर ले,
एक पल में सौ-सौ बार राधे कृष्ण नाम का जप कर ले।

अगर कोई आपकी कीमत न समझे, 
तो निराश मत होना, क्योंकि,
कबाड़ के व्यापारी को हीरे की परख नहीं होती..!
जय श्री राधा कृष्ण 

अधुरा हैं मेरा इश्क तेरे नाम के बिना, जैसे अधूरी हैं राधा श्याम के बिना। – मेरे राधा कृष्णा !

वक्त से पहले बोले गए शब्द,और मौसम के,
पहले तोड़े गए फल दोनों ही व्यर्थ हैं..!

कान्हा तुझे ख्वाबों में पाकर दिल खो ही जाता हैं 
खुदको जितना भी रोक लू, प्यार हो ही जाता हैं।

राधा को कन्हैया ने प्यार का पैगाम लिखा, पूरे खत में सिर्फ़ राधा-राधा नाम लिखा। – राधे-राधे जय श्री कृष्णा !

लंबी छलांगों से कही बेहतर है 
निरंतर बढ़ते कदम
जी एक दिन आपको मंजिल तक ले जाएंगे ।।

सुनो कन्हैया जहाँ से तेरा मन करे, मेरी जिन्दगी को पड़ लो पन्ना चाहे,
कोईं भी खोलो हर पन्ने पर तेरा नाम होगा मेरे कान्हा।।

बैकुंठ में भी ना मिले जो वो सुख कान्हा तेरे वृंदावन धाम में हैं, कितनी भी बड़ी विपदा हो चाहे समाधान तो बस श्री राधे तेरे नाम में हैं। – राधे-राधे !

अच्छे व्यक्ति को समझने के
लिए अच्छा हृदय चाहिये न
कि अच्छा दिमाग..क्योंकि
दिमाग हमेशा तर्क करेगा
और हृदय हमेशा प्रेम–भाव देखेगा..!

सवाल ये नहीं रफ्तार किसकी कितनी है,
सवाल ये है के सलीक़े से कौन चलता है..!

राधा के सच्चे प्रेम का यह ईनाम है, कान्हा से पहले लोग लेते राधा का नाम है। – जय श्री राधे कृष्ण !

मुझको मालूम नहीं अगला जन्म हैं की नहीं। 
ये जन्म प्यार में गुजरे ये दुआ मांगी हैं॥ 
और कुछ मुझे जमाने से मिले या ना मिले। 
ए मेरे कान्हा तेरी मोहब्बत ही सदा मांगी हैं।


कल्पना जीवन शक्ति है, मगर लोग आज कल इसे सिर्फ अपनी राय बनाने के लिए ही उपयोग कर रहें है..! 

एक तुम्हारे ख्याल में हमने
ना जाने कितने ख्याल छोड़े हैं सांवरिया।।

राधा कृष्ण की प्यार भरी शायरी

चारों तरफ फैल रही हैं, इनके प्यार की खुशबू थोड़ी-थोड़ी
कितनी प्यारी लग रही हैं, साँवरे-गोरी की यह जोड़ी।।

प्रेम असीम विस्वास है,
असीम धैर्य है
और असीम बल है..!

ज्यादा बोझ लेकर चलने वाले, अक्सर थक ही जाते हैं, फिर चाहे, वो बोझ सामान, का हो या अभिमान का। – जय श्री कृष्णा !

किसी की मीठी बातें ओर
चालाकी को अपनी सुझबुझ
 पर हावी न होने दें धोखे की
 ख़ासियत यहीं है ये यकीन
के साथ मुफ़्त मिलता है..!

राधा कृष्ण वियोग शायरी

सुध-बुध खो रही राधा रानी, 
इंतजार अब सहा न जाएँ, 
कोई कह दो सावरे से, 
वो जल्दी राधा के पास आएँ. 
राधे-राधे

मधुवन में भले ही कान्हा किसी गोपी से मिले, मन में तो राधा के ही प्रेम के हैं फूल खिले। – जय श्री राधेकृष्ण !

याद रखना, सपने तुम्हारे है 
तो पूरा भी तुम ही करोगे,
ना हालत तुम्हारे हिसाब से होंगे 
ना ही लोग कृष्णा राधे  

मैं कान्हा था, कान्हा हूँ, ओर कान्हा ही रहूँगा,
फैसला तुझे करना हैं पगली, तुझे गोपी बनना हैं, मीरा बनना हैं, या मेरी राधा।

प्यार मे कितनी बाधा देखी, फिर भी कृष्ण के साथ राधा देखी – राधा कृष्ण !

“कामयाबी”” के सफर में “धूप” का बड़ा महत्व होता हैं!
क्योंकि “”छांव”” मिलते ही “कदम” रुकने लगते है।

प्रभु खोजने से नहीं मिलते... 
उसमें "खो - जाने" से मिलते है...! 
राधेकृष्णा जय श्री कृष्णा 

विरह कविता कोश

तेरी भोली सी सूरत साँवरिया, मेरे दिल में बसी जा रही है, अब तो पहले से भी कहीं ज़्यादा, न जाने क्यों याद आ रही है – प्रेम से बोलो राधे-राधे !

जब तक तुम डरते रहोगे
तुम्हारी ज़िन्दगी के फैसले 
कोई और लेता रहेगा ।
जय श्री राधा कृष्ण..


अच्छे संस्कारों का निर्माण
 किसी बाजार में नहीँ
बल्कि,परिवार की देन से होते हैं…!!

जो है माखन चोर, जो है मुरली वाला, 
वही है हम सबके दुःख दूर करने वाला..!

मेरे श्याम तेरी यादों को पसंद आ गई है मेरी आँखों कीनमी हंसना भी चाहु तो रुला देती है तेरी कमी। – जय श्री राधे कृष्णा !

मैं मजबूत हूं, लेकिन यह तब दुख पहुंचाता है, जब मैं किसी को अपनी प्राथमिकता बनाता हूं और वे मुझे अपने आखिरी विकल्प की तरह मानते हैं। 

जिस पर राधा को मान हैं, जिस पर राधा को गुमान हैं,
यह वही कृष्ण हैं, जो राधा के साथ हर जगह विराजमान हैं।

कुछ है जो दौलत परनाज़ करते हैं, कुछ है जो हुस्न पर नाज करते हैं, हम तो गुनहगार बंदे हैं – जय श्री कृष्णा !

खुशनसीब वो नहीं जिसका
नसीब अच्छा है खुशनसीब
वो है जो अपने नसीब से खुश है..!!

विरह कविता कोश

हे कान्हा, तुम संग बीते वक़्त का मैं कोई हिसाब नहीं रखती 
मैं बस लम्हे जीती हूँ, इसके आगे कोई ख्वाब नहीं रखती।

मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है, करते हो तुम कन्हैया मेरा नाम हो रहा है. – जय श्री राधेकृष्ण !

चुप रहने का मतलब यह नहीं है कि मेरे पास कहने के लिए कुछ नहीं है: इसका मतलब है कि मुझे नहीं लगता कि आप मेरे विचारों को सुनने के लिए तैयार हैं। 

रंग बदलती दुनियाँ देखी, देखा जग व्यवहार,
दिल टूटा तब मन को भाया ठाकुर तेरा दरबार।

“बुद्धिमान इंसान” आपका दिमाग खोलता है, “सुंदर इंसान”आपकी आँखें खोलता है, लेकिन…”प्यार करनेवाला इंसान” ,आपका हृदय खोल देता हैं।.. – राधा कृष्ण !

अगर आप किसी की खुशियां लिखने वाली पेंसिल नहीं हो सकते है तो एक अच्छा सा इरेज़र बनिए जो उनका दुःख मिटा दे ।। जय श्री राधा कृष्ण 

अच्छे लोगों का हमारे जीवन में प्रवेश हमारे भाग्य पर निर्भर है
किन्तु अच्छे लोगों के साथ हमारे सम्बन्ध चिरस्थायी रखना
हमारे व्यवहार और कौशल पर निर्भर है।

राधा की चाहत हैं कृष्ण, 
उसके दिल की विरासत हैं कृष्ण, 
चाहे कितना भी रास रचा ले कृष्ण 
दुनिया तो फिर भी यही कहती हैं 
राधे कृष्ण राधे कृष्ण।

सच्ची मोहब्बत का अंजाम अगर निकाह होता, तो रुक्मणि की जगह राधा का स्थान होता। – जय श्री राधे कृष्णा !

जिंदगी में तूफान का आना भी जरूरी होता है क्योंकि तभी पता चलता है कि कौन हाथ पकड़ता है और कौन हाथ छोड़ देता है ।। जय श्री राधा कृष्ण 

ख़ुशी ही एकमात्र ऐसी चीज़ है!
जो आपके पास नहीं हो फ़िर
भी आप दूसरों को दें सकते हो !!

कोई कह दो यशोदा से जाकर बातें अब बड़ी बनाने लगे है, 
श्याम माखन चुराते-चुराते अब तो दिल भी चुराने लगे है.

आज मेरे लफ्जों की तबियत ठीक नहीं,
आज आप अपने पसंद की कोई शायरी ही सुना दो।
कृष्णा राधे 

इन आंखो को जब तेरा दीदार हो जाता है मेरा तो हर दिन सांवरे त्योहार हो जाता है – जय श्री राधे कृष्णा !

अभी तो बस इश्क़ हुआ है कान्हा से
मंजिल तो वृंदावन में ही मिलेगी।।
।।राधे राधे।।

खुशनसीब वो नहीं जिसका नसीब अच्छा है खुशनसीब वो है जो अपने नसीब से खुश है..!! – जय श्री राधेकृष्ण !

घटिया लोगों की सबसे बड़ी पहचान यह है कि,
उन्हें आप जितनी भी ज्यादा इज्जत दोगे, 
वे आपको इतनी ही ज्यादा तकलीफ देंगे ।। 
जय श्री राधा कृष्ण  

कृष्ण की दर्द भरी शायरी

प्यार सबको आजमाता हैं, सोलह हज़ार एक सौ आठ रानियों से मिलने वाला श्याम, एक राधा को तरस जाता हैं। – मेरे राधा कृष्णा !

पानी की तरह बनो जो अपना रास्ता स्वयं बनाता है, 
पत्थर की तरह नहीं जो दूसरों का रास्ता भी रोक लेता है !!
राधे राधे, राधे कृष्ण 


राधा ने श्री कृष्णा से पूछा, प्यार का असली मतलब क्या होता हैं,
श्री कृष्णा ने हँस कर कहा, जहाँ मतलब होता हैं वहां प्यार ही कहाँ होता हैं।

गोकुल में है जिनका वास् , गोपियों संग करे निवास, देवकी यशोदा है जिनकी मैया ऐसे है हमरे कृष्ण कन्हैया। – राधे-राधे जय श्री कृष्णा !

देर से बनो पर ,  
जरूर कुछ बनो क्योंकि,
वक़्त के साथ लोग
खैरियत नही हैसियत पूछते है ।। 
जय श्री राधा कृष्ण 

सब्र और सहनशीलता
कोई कमजोरियां नहीं होती है।
ये तो वो अंदरुनी ताकते है,
जो केवल मजबूत लोगों में होती है ।

प्रेम के दो मीठे बोल बोलकर खरीद लो हमें, 
कीमत से सोचोगे तो पूरी दुनिया बेचनी पडेगी..!

अच्छे संस्कारों का निर्माण किसी बाजार में नहीँ बल्कि,परिवार की देन से होते हैं. – जय श्री राधे कृष्ण !

जीवन की सबसे महंगी वस्तु है 
आपका वर्तमान, जो एक बार चला जाए 
तो फिर पूरी दुनिया कि संपत्ति से भी 
हम उसे खरीद नहीं सकते। राधे राधे 

प्यार दो आत्माओं का मिलन होता हैं,
ठीक वैसे हीं जैसे प्यार में कृष्ण का नाम राधा और राधा का नाम कृष्ण होता हैं।

संसार को जानने का सबसे अच्छा उपाय यह है, की तुम अपने आपको जानो । – राधे-राधे !

“जिस दिन आपके सामने कोई समस्या न
आये –आप यकीन कर सकते है॥
कि आप गलत रास्ते पर सफर कर रहे है ।

“राधा” के सच्चे प्रेम का यह ईनाम हैं, 
कान्हा से पहले लोग लेते “राधा” का नाम हैं.

कृष्ण की दर्द भरी शायरी

सुन लेने से” कितने सारे सवाल सुलझ जाते हैं, “सुना देने से” हम फिर से वही उलझ जाते हैं. – प्रेम से बोलो राधे-राधे !

मार्ग दर्शन सही हो तो एक नन्हा सा दीपक भी किसी सूरज से कम नही...

सज़ा बन जाती है गुज़रे हुए वक़्त की निशानीयाँ,
ना जाने क्यूँ मतलब के लिए मेहरबान होते हैँ लोग। राधे राधे 

दिल के रिश्ते का कोई नाम नहीं होता, हर रिश्ते का कोई मुकाम नहीं, होता अगर निभाने की चाहता हो दोनों तरफ से तो कोई रिश्ता नाकाम नहीं होता। – जय श्री राधे कृष्णा !

जिदंगी में इतनी गलतियां न करो कि ।
पेंसिल से पहले रबर घिस जाए ॥
और रबर को इतना मत घिसो कि ।
जिदंगी का पेज ही फट जाए।।

हे कान्हा, तुम संग बिताए वक्त का मैं कोई हिसाब नहीं रखती, 
मैं बस लम्हे जीती हूँ, इसके आगे कोई ख्वाब नहीं रखती। 
राधे कृष्णा जय श्री कृष्णा

न रास्तों ने साथ दिया, न मंजिल ने इंतज़ार किया में क्या लिखूं अपनी ज़िन्दगी पर मेरे साथ तो उम्मीदों ने भी मजाक किया। – राधा कृष्ण !

“विचार और व्यवहार”
हमारे बगीचे के वो फ़ूल हैं..!
जो हमारे.पूरे व्यक्तित्व
को महका देतें हैं।

राधा के दिल की चाहत है कृष्णा, 
राधा की विरासत है कृष्णा, 
कितने भी रास रचा ले कृष्णा, 
फिर भी दुनिया कहेगी - राधे_कृष्णा

कृष्ण प्रेम शायरी

प्रेम वो नहीं इज़हार किया जाये प्रेम तो वो है जो महसूस किया जाये प्रेम वो नहीं जो पाया जाये प्रेम तो वो है जो जिया जाये। – जय श्री कृष्णा !

वैसा मजाक किसी के साथ मत कीजिये जैसा आप सह नही सकते ।।  जय श्री राधा कृष्ण 

कृष्ण ने राधा से पूछा ऐसी एक जगह बताओ, जहाँ में नहीं हूँ,
राधा ने मुस्कुरा के कहा, बस मेरे नसीब में।

जो आपके मौनका अर्थ नही समझता वह सम्भवतः आपके शब्दोंका अर्थ भी नहीं समझेगा !! – जय श्री राधेकृष्ण !

दर्पण – झूठ नहीं बोलने देता,
ज्ञान – भयभीत नहीं होने देता,
आध्यात्म – मोह नहीं होने देता,
सत्य – कमजोर नहीं होने देता,
प्रेम – ईर्षा नहीं करने देता,
विश्वास – दुखी नहीं होने देता,
कर्म – असफल नहीं होने देता..!

कर्तव्य पथ पर जाते-जाते केशव गये थे रूक, 
देख दशा राधा रानी, ब्रम्हा भी गये थे झुक।

सांवरे तेरी मोहब्बत को, नया अंजाम देने की तैयारी हैं। कल तक मीरा दीवानी थी, आज मेरी बारी हैं। – राधा कृष्ण !

ना आँखो मे ख्वाब है ना दिल मे तमन्ना कोई,
अपनी बनाई हुई राहो से ही अनजान हूँ। राधे राधे 

किसी को खुश रखने का मौका मिले तो छोड़िये मत, फरिश्ते होते हैं वो लोग, जो दूसरों की खुशी का ख्याल रखते हैं..! – मेरे राधा कृष्णा !

संसार को जानने का
सबसे अच्छा उपाय यह है..
की तुम अपने आपको जानो ।

ज़िंदगी में हमेशा उनसे दूर रहना, जो आप में वो कमी बताएँ, जो आप में है ही नहीं !!

सांवरे तेरी मोहब्बत को, 
नया अंजाम देने की तैयारी हैं। 
कल तक मीरा दीवानी थी, 
आज मेरी बारी हैं।

ये जिदंगी तमन्नाओं का गुलदस्ता ही तो हैं,
कुछ महकती है कुछ मुरझाती हैं और कुछ चुभ जाती हैं।

कन्हैया को राधा ने प्यार का पैगाम लिखा, पूरे खत में सिर्फ कान्हा का ही नाम लिखा। जय श्री कृष्णा। – राधे-राधे जय श्री कृष्णा !


प्यार सबको आजमाता हैं,
सोलह हज़ार एक सौ आठ रानियों से मिलने वाला श्याम, एक राधा को तरस जाता हैं।

जिस पर राधा को मान हैं, जिस पर राधा को गुमान हैं, यह वही कृष्ण हैं, जो राधा के साथ हर जगह विराजमान हैं। – जय श्री राधे कृष्ण !

हर कोई कहता है गलती सफलता का पहला कदम है लेकिन हकीकत में गलती को सुधारना सफलता का पहला कदम है जय श्री राधा कृष्ण 

“सुन लेने से” कितने सारे सवाल सुलझ
जाते हैं,..”सुना देने से”हम फिर से वही
उलझ जाते हैं..!

माना कि मुझमे मीरा सी..कोई कशिश नही, 
गोपी के जैसे रो सकू..वो जज्बात नही, 
एकबार मेरे साँवरे इस..दिल की भी सुनो, 
मेरे राधा कृष्णा मुरारी.

ना जाने क्यों कोसते हैं लोग बदसूरती को
बर्बाद करने वाले तो हसीन चेहरे होते हैं।

जानते हो कृष्ण, क्युं तुम पर हमें गुरुर हैं, क्युंकि तुम्हारे होने से हमारी ज़िन्दगी मे नूर है – राधे-राधे !

राधा ने किसी और की तरफ देखा हीं नहीं, जब से वो कृष्ण के प्यार में खो गई,
कान्हा के प्यार में पड़कर, वो खुद प्यार की परिभाषा हो गई।

हे कान्हा, तुम्हे पाना जरूरी तो नहीं, 
तुम्हारा हो जाना ही काफी हैं मेरे लिए।

मुझे मिला नहीं मौका अभी, कि कुछ कर गुजर जाऊँ, हाथ पकड़ के निकल दे पार सांवरिया, कि मैं भी तेरा शुक्र मनाऊँ।। – प्रेम से बोलो राधे-राधे !

मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है, 
करते हो तुम कन्हैया मेरा नाम हो रहा है. 
जय श्री कृष्णा राधे राधे....

जब मनुष्या को अपने धर्म पर अहंकार हो जाता है, तब उसके हाथों अधर्म होने लगता है। – जय श्री कृष्णा !

आपकी नई सुबह इतनी सयानी हो जाए,
दुखों की सारी बातें आपकी पुरानी हो जाये ,
दे जाए इतनी खुशियां यह दिन की,
खुशी भी आपकी दीवानी हो जाए ।।

विरह पर कविता

सुन पगली – मेरी राधा भी तू मेरी मीरा भी तू। – प्रेम से बोलो राधे-राधे !

जीवन भावनाओं से चलता है,
पर हम भावनाओं में भी
कारणों को ढूंढने की कोशिश करते हैं…!!

अब तो आँखों से भी जलन होती हैं मुझे ए कान्हा, 
खूकि हो तो तलाश तेरी और बंद हो तो ख्वाब तेरे।

श्याम तेरे मिलने का सत्संग ही बहाना है, दुनिया वाले क्या जाने ये रिश्ता पुराना है. – जय श्री राधे कृष्णा !

कभी भी घमंड या अहंकार में अपना सर ऊँचा ना उठाएं. याद रखिये स्वर्ण पदक विजेता भी तभी पदक पाता है जब वो अपना सर झुकाता है. ।।
जय श्री राधा कृष्ण 

गीता में 
  स्पष्ट शब्दों में लिखा है
निराश न होना
कमजोर ' तेरा वक्त है '..!

बैकुंठ में भी ना मिले जो वो सुख कान्हा तेरे वृंदावन धाम में हैं,
कितनी भी बड़ी विपदा हो चाहे समाधान तो बस श्री राधे तेरे नाम में हैं।

सुनो कन्हैया जहाँ से तेरा मन करे, मेरी जिन्दगी को पड़ लो पन्ना चाहे, कोईं भी खोलो हर पन्ने पर तेरा नाम होगा मेरे कान्हा।। – जय श्री कृष्णा !

गीता में श्री कृष्ण ने कहा है जो लोग तुम्हारी बुराई करते है
करेंगे चाहे तुम अच्छा करो या बुरा
करो इसलिए शांत रहकर अपना कर्म करते रहो निंदा
से मत घबराओ निंदा उसी की होती है जो ज़िंदा है।

खुद पर यकीन रखो ,
फिर भले ही कोई तुम पर यकीन रखे या ना रखे उससे कोई फर्क नहीं पड़ता ,
जय श्री राधा कृष्ण 

कृष्ण प्रेम शायरी

चारों तरफ फैल रही हैं, 
इनके प्यार की खुशबू थोड़ी-थोड़ी 
कितनी प्यारी लग रही हैं, 
साँवरे-गोरी की यह जोड़ी।। 
राधा कृष्ण

नासमझ ही रहते तो 
अच्छा था..
 उलझने बढ़ गई है 
जब से समझदार हुए है..! 

बस देखने का ही तो नजरिया है, कुछ के लिए “श्याम” काला है, तो कुछ के लिए सांवरिया (कृष्ण) है। – जय श्री राधेकृष्ण !

राधा कहती हैं दुनियावालों से, तुम्हारे और मेरे प्यार में बस इतना अंतर हैं,
प्यार में पड़कर तुमने अपना सबकुछ खो दिया, और मैंने खुद को खोकर सबकुछ पा लिया।

किसी को क्या बताये की कितने मजबूर है हम एक तुम्ही को चाहा है हमने और तुम्ही से दूर है – राधा कृष्ण !

मत मिलाया कर उन्हें ए खुदा।।जिन्हे तू मिला नहीं
सकता क्योकि ये अधूरी मोहब्बत बेपनाह दर्द देती है।

राधा की कृपा, कृष्णा की कृपा, 
जय पे हो जाए, 
भगवान को पाए, 
मौज उड़ाए.... सब सुख पाए....!! 
जय श्री राधे

राधा कृष्ण का मिलन तो बस एकबहाना था, दुनिया को प्यार का सही मतलबजो समझाना था – मेरे राधा कृष्णा !

अहमियत हैसियत को मिलती हैं,
और हम हैं कि जज्बात लिए फिरते हैं।
कृष्णा राधे 

किसी के पास ego हैं, किसी के पास attitude हैं,
मेरे पास तो मेरा साँवरा हैं, वो भी बड़ा cute हैं।

राधा-राधा जपने से हो जाएगा तेरा उद्धार, क्योंकि यही वही वो नाम है जिससे कृष्ण को प्यार. – प्रेम से बोलो राधे-राधे !


तकलीफों की सुरंग से जब ज़िन्दगी गुज़रती है,
तब जाकर कहीं शख्सियत निखरती है।
कृष्णा राधे 

राह संघर्ष की जो चलता है,
वही संसार को बदलता है,
जिसने रातों में जंग जीती,
सूर्य बनकर वही निकलता है ।। 
जय श्री राधा कृष्ण 

मौका प्यार का इजहार करने का, वरना डर तो हमें भगवान का भी नहीं लगता। पर क्या करे डरना पड़ता है क्योंकि हम भक्ति जो श्री कृष्ण की करते है। – प्रेम से बोलो राधे-राधे !

सही प्रशंसा व्यक्ति का हौंसला बढाती है
और अधिक प्रशंसा
व्यक्ति को लापरवाह बनाती  है..!

राधा-कृष्णा ही प्रेम की सबसे अच्छी परिभाषा है, 
बिना कहे जो समझ में आ जाए, प्रेम ऐसी भाषा है..! 

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